Mirai Full Movie In Hindi Dubbed Movie Reviews
मिराई द सुपर योद्धा नाम से मूवी आई है जो बेसिकली एक तेलुगु लैंग्वेज फैंटसी एक्शन एडवेंचर फिल्म है विथ सम माइथोलॉजिकल टच इन इट एंड सम हिस्टोरिक कनेक्शन टू। तो मैंने देखी फिल्म हिंदी डब्ड वर्जन में थैंक गॉड हिंदी डब्ड में पहले ही लगा दी एंड डबिंग काफी अच्छी है वैसे तो इसकी। वैसे सुपर हीरो यूनिवर्स में कुछ अलग टेक रखती ये एक्सपेरिमेंटल फिल्म कैसी है? आइए जरा बात कर लेते हैं। अब देखो स्टोरी है फ्यूचरिस्टिक माइथोलॉजिकल वर्ल्ड की जहां मगध एपरर अशोका के नौ स्क्रिप्चर्स दिखाए गए हैं। स्पॉइल नहीं कर रहा इनका अगर आपने पहला टीजर देखा होगा तो वहां इसका जिक्र ऑलरेडी है। तो उन स्क्रिप्चर्स में ऐसा कुछ है जो आम इंसान को भगवान की शक्ति दे सकता है। तो इन स्क्रिप्चर्स के पीछे पड़ी है एक काली शक्ति विलन यू नो प्लेड बाय मंचू मनोज एंड इन स्क्रिप्चर्स की रक्षा करने एक इंसान को अपॉइंट किया जाता है व्हिच इज प्लेड बाय तेजा सज्जा। अब इनको ऑलरेडी एक सुपर हीरो रोल में हम देख चुके हैं। एंड वहां उनका एक्टिंग पोटेंशियल भी हमने देखा है।
जो नो डाउट इसमें भी काफी ज्यादा निखर के सामने आया है। और क्योंकि ऑलरेडी वो एक सुपर हीरो का रोल कर चुके थे तो शायद उसका एक्सपीरियंस यहां उन्हें अच्छे से काम आया है। लेकिन स्टिल अगर मैं कंपेयर करूं तो हनुमान मूवी में उनका रोल एंड उस कैरेक्टर का प्रेजेंटेशन ज्यादा अच्छा था। अब यहां मैं एक चीज की जरूर तारीफ करना चाहूंगा इनका वीएफएक्स एंड सीजीआई। भाई बजट पहले सिर्फ इनका 30-40 करोड़ का था। बाद में बढ़ा के अराउंड 60 करोड़ किया गया एंड जिसमें उन्होंने अपने वीएफएक्स पे काम किया। सोचो साला यहां 300-400 करोड़ में भी बड़ी-बड़ी फिल्म जो नहीं कर पा रही है वो यह फिल्म करके दिखा रही है। मैं सोचा कि यार अगर इनको इतना बड़ा बजट दिया जाता तो किस लेवल पर स्पेशल इफेक्ट देखने को मिलता हमें। तो बहुत से जगह कमियां होने के बावजूद भी उस 60 करोड़ में इसका वीएफएक्स पूरी तरह जस्टिफाई होता है। एंड एक और बात इस फिल्म को ऑलरेडी ओटीटी डील मिल चुकी है इन 40 करोड़। तो यह अपना 809% तो यार ऑलरेडी कमा चुकी है। ऊपर से हम लोग जिन सुपर हीरोज़ को देखते आ रहे हैं लाइक अ मान के चलो डीसीआ मार्वल के सुपर हीरोज़ जो 99% फिक्शनल होते हैं। बट यहां स्पेशली मीराई में हमारे इंडियन कल्चर, इंडियन हिस्ट्री, माइथोलॉजी, एंशिएंट एंड वैदिक हिस्टोरिक फिगर्स को दिखाया गया है या कहे उनसे इंस्पिरेशन ली गई है। जो कहीं ना कहीं ऑटोमेटिकली इंडियन ऑडियंस के साथ इमोशनली एंड डिवोशनली कनेक्ट भी हो जाती है। वो टीजर में आपने देखा ही होगा वो चलते हुए पैर सामने वानर हाथ जोड़े हुए हैं। बट उस पर्टिकुलर सीन को यहां उतना एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी एलिवेशन के साथ नहीं दिखा पाए यार जितना हनुमान मूवी में श्री हनुमान जी को दिखाया गया था। उस मूवी में वो क्लाइमेक्स सीन अनडाउटेडली डिवोशनल एंड एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी फील हुआ था जो यहां मिसिंग सा लगेगा। क्लाइमेक्स सच में और अच्छा हो सकता था। दैट्स व्हाट आई फेल्ट। एंड एक और बात की तारीफ मैं जरूर करना चाहूंगा कि इसमें किसी भी तरह की कोई फालतू लव स्टोरी या लव एंगल को ग्लोरिफाइड नहीं किया गया है या कोई मसाला आइटम सॉन्ग नहीं है या इवन चलते स्टोरी में कहीं गाना घुसाया नहीं गया गाने हैं एक दो वो बट लेकिन यार वो स्टोरी लाइन के साथ बैकग्राउंड में चलते रहते हैं जो आपकी फिल्म के लिंक को टूटने नहीं देते जिससे यह आपको सिंपली कंटेंट ओरिएंटेड फिल्म लगने लगती है ना कि एक्टर ओरिएंटेड। अब एक्टर की बात हो ही रही है तो सभी ने अच्छा काम किया है। किसी में भी खास ऐसी कोई कमी तो नहीं निकाल पाओगे आप। विलेन का रोल अच्छा था। सेकंड हाफ में उस विलेन की एक बैक स्टोरी भी दिखाई गई है जो अगेन एक विलेन पर्सपेक्टिव सेट करती है। लेकिन बस मूवी के लेंथ पर थोड़ा फोकस करना चाहिए था यार मेकर्स ने क्योंकि बहुत से ऐसे सीन्स हैं जो ट्रिम किए जा सकते थे जिससे यह मूवी और भी फास्ट पेस्ट होती। एंड इवन इसमें कॉमेडी भी है जो कुछ जगह काम करती है कुछ जगह बिल्कुल भी नहीं। फर्स्ट हाफ में हीरो के इंट्रोडक्शन सीन में जो फाइट दिखाई गई है, वह बहुत फोर्सफुली क्रिएटेड था। लेकिन स्टिल एज अ स्टोरी लाइन यह अपने टॉपिक से भटकती नहीं है। फिल्म का एक्शन भी अच्छा है एंड यू विल लव द अप्रोच के कैसे उन्होंने इतने कम बजट में इतना अच्छा एक्शन सीक्वेंस पुल ऑफ कर लिया। मैंने इनके ट्रेंड सीक्वेंस का बिहाइंड द सीन्स देखा एंड आई गॉट टू नो कि वीएफएक्स में ज्यादा खर्चा करने के बजाय इन्होंने प्रैक्टिकल इफेक्ट्स पर इन्वेस्ट किया है ताकि उस पर्टिकुलर सीन में रियलिज्म बरकरार रहे। अब रियली लगने लगा है कि जो लोग 100, 200, 300, 400 करोड़ खर्चा कर देते हैं ताकि बड़े एक्टर्स के दम पर मूवीज को चला पाए। उन्होंने वही पैसा राइटर्स एंड सिनेमेटोग्राफ़र्स पर इन्वेस्ट करने चाहिए ताकि हमें भी महावतार नरसिम्हा, लोका, हनुमान, कांतारा, मंजुमल बॉयज, मिनल मुरली जैसी या मिराई जैसे कंटेंट ओरिएंटेड फिल्म्स हमको देखने को मिले। और इस फिल्म में जो वैदिक ग्रंथों का सहारा लिया गया है टू पोट्रे द इंडियन कल्चर उससे अगेन हम सभी लोगों के दिलों में हमारे पुराणों के प्रति वो भावनाएं जगी रहती है। बाकी फिल्म में कुछ अच्छे आस्पेक्ट्स एंड कुछ कमियों को ध्यान में रखते हुए मेरी तरफ से मूवी को थ्री आउट ऑफ फाइव स्टार्स। इट्स अ गुड वॉच। फैमिली के साथ तो डेफिनेटली देख सकते हो आप। एंड बच्चों को भी पसंद आएगी यह मूवी। एंड हां, मूवी खत्म होने के बाद उठ मत जाना। देयर इज वन मिड क्रेडिट सीन जिसमें साउथ इंडस्ट्री के एक दमदार एक्टर का कैमियो है जो सेटअप करते हैं इसके नेक्स्ट पार्ट को। बाकी आप भी अपना ओपिनियन शेयर जरूर करना। मिलते हैं अगले ब्लॉग में। बाय।

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