They Call Him OG Movie | Reviews
देखो भाई लोग, दे कॉल हिम ओजी मूवी आ गई है हिंदी में देखी मैंने क्योंकि तेलुगु में सबटाइटल्स थे ही नहीं। वह भी बुक माय शो में इंग्लिश सबटाइटल्स है यह बताने के बाद भी। इवन थिएटर के सर्टिफिकेट में ओजी तेलुगु विद इंग्लिश सबटाइटल्स लिखने के बाद भी मूवी में सबटाइटल्स नहीं थे। बट एनीवेज आज हिंदी में देख ली है। तो गैंगस्टर बेस्ड ये क्राइम ड्रामा मूवी कैसी है? आओ जरा बात कर लेते हैं। देखो इस फिल्म की हाइप तेलुगु ऑडियंस में ज्यादा है एंड दे आर एक्चुअली सेलिब्रेटिंग इट एज फैंस एंड वो मूवी में दिखाई पड़ता है कि पवन कल्याण ने प्योर फैन सर्विस ही प्रोवाइड की है। जिस वजह से नॉर्थ ऑडियंस जो ऐसे रेगुलर गैंगस्टर ड्रामा देखती आ रही है उनमें इस मूवी को लेकर ज्यादा हाइप नहीं है। लिटरली इस मूवी को देखने के बाद आपको थोड़ा सा केजीएफ, थोड़ा सा सलार, थोड़ा सा पुष्पा देखने को मिलेगा। एंड भाई साहब डेड पूल के कटाना वाले एक्शन सींस को फेल करवा दिया है भाई पवन कल्याण ने। मतलब क्या ही बोलूं मैं मूवी में ही इज अ मास्टर ऑफ कटाना फाइट स्किल्स
They Call Him OG
आईक्यूडो स्पेशलिस्ट है। लेकिन मजाल है पवन सर की बॉडी फिजिक में एक भी ऐब दिख जाए या इवन कोई मसल दिखे। पवन सर का ओरा ही ऐसा है ना कि मुंह दिखाई से गोलियां रुक जाती है भाई। यह कटाना से गोलियां रुकाने की क्या ही जरूरत थी। अब देखो स्टोरी वाइज बात करें तो मूवी के स्टार्टिंग से एंडिंग तक स्टोरी के अंदर स्टोरी के अंदर स्टोरी चलती रहेंगी जिससे इसकी ओरिजिन स्टोरी कौन सी है इसका पता लगाना थोड़ा कैसा ऐसे इंटरस्टिलार इंसेप्शन की याद दिला देगा तो ज्यादा दिमाग क्यों लगा रहे हो भाई तुम एंजॉय करो ना अच्छा मैं तो मेरे फेवरेट हीरो के लिए गया था भाई इमरान हाशमी लेकिन बेचारे इमरान हाशमी को मार खाने बुला लिया यार उधर पवन कल्याण जो धो रहे इमरान को कि इमरान हाशमी को ना अपनी सारी पापी पप्पियां याद आ गई होंगी कि मैं वही ठीक था बॉलीवुड में एटलीस्ट होठों से होठ चिपके रहते थे। इधर तो पवन कल्याण ने पूरा ही चिपका डाला। मजाक कर रहा हूं भाई सीरियसली ले लेना। देखो सॉरी उनका ओरा एज अ गैंगस्टर अच्छा था एंड एक्टिंग भी बहुत बढ़िया की है। बीजीएम थमन का है एंड कुछ जगह वह बहुत अच्छा है। जिसकी वजह से बहुत सारे सीनंस एलिवेट होते हैं। सीन से अगर मैं बोलूं तो एक इंटरवल का सीन है एंड इंटरवल के जस्ट बाद एक पुलिस स्टेशन वाला सीन है जो इस मूवी में सबसे बढ़िया एलिवेटेड सीन था जिसमें अग्रेशन एंड फाइट सीनंस सीटी मार थे। लेकिन जैसे ही सेकंड हाफ में जाती है ना मूवी भाई एक ही बात बोलूंगा। खिचड़ी में पनीर डालने से जैसे वह बिरयानी का स्वाद नहीं दे सकती वैसे ही एक टिपिकल रेगुलर गैंगस्टर ड्रामा में जापान की तलवारबाजी डालने से वो हॉलीवुड मटेरियल नहीं बन सकती। डायरेक्टर सुजीत ने फाइट सीक्वेंसेस जो डिजाइन किए हैं स्पेशली पवन कल्याण के साथ बस कट कट कट कट करके निकल जाते हैं। एक्शन सीक्वेंसेस में वो रियलिटी वाली फीलिंग्स नहीं आती। एंड हां इसमें ओजी एक शॉर्ट फॉर्म है। ओजी से उनका एक्चुअल नाम निकल कर आता है। लेकिन एक नाम नहीं बल्कि तीन नाम आई मीन दो नाम और एक एडजेक्टिव जो आप मूवी में ही सुनना स्पॉइलर नहीं दूंगा। सो ओवरऑल देखते हुए मैं यही कहूंगा कि इट्स अ टिपिकल 90ज गैंगस्टर ड्रामा जिसमें 15 20 साल का बिफोर आफ्टर बैक स्टोरी करंट स्टोरी होने के बाद भी हीरो का फेस तिनका भर चेंज नहीं होता। 15-20 साल पहले वो जैसे दिख रहे थे बैक स्टोरी में सेम वैसे ही करंट स्टोरी में दिखते हैं। भाई मानना पड़ेगा फिजिक को यार क्या मेंटेन किया है पवन सर ने। लेकिन इसी वजह से यह एक ऐसी फिल्म बन गई जिसमें मास मसाला तो है लेकिन उसको प्रूव करें ऐसा कन्विक्शन नहीं है। एंड हां अगर आप देख रहे हो मूवी बहुत अच्छी बात है। इसमें कोई एडल्ट सीन नहीं है ना कोई गालियां है तो फैमिली के साथ भी देख सकते हो। लेकिन मेरी तरफ से इस मूवी को 2.5 आउट ऑफ फाइव स्टार्स। मिलते हैं अगले ब्लाग में। बाय

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