Ek deewane ki deewaniyat Full Movie | Reviews
हां जी तो सयारा के बाद एक और ऐसी मूवी आई है जो दीवानों को और दीवाना कर देगी। बेरोजगार को थोड़ा सा काम दे देगी रील्स वगैरह डालने का और प्यार में वन साइड तड़पने वालों को और तड़पा देगी क्योंकि किसी ने मुझे कहा था कि डोंट अंडरएस्टीमेट द पावर ऑफ वन साइडेड इंडियन लव। तो इसी मूवी के बारे में आज करते हैं बात हैं? साला मूवी का इतना ज्यादा इंपैक्ट हो गया कि अपना इंट्रो ही गलत दे दिया। एनीवेज गलत तो गलत सही मूवी के बारे में बात करते हैं। तो विक्रमादित्य प्लेड बाय हर्षवर्धन एक पॉलिटिकल बैकग्राउंड से है एंड एक ऐसा पॉलिटिशियन है जो घमंडी और जिद्दी है पैसे वाला है। तो एक दिन वो देखता है एक एक्ट्रेस को अदा नाम है प्लेड बाय सोनम बाजवा। तो उसे देखते ही वह उसके प्यार में पड़ जाता है। यू नो मैन विल बी मैन लव एट फर्स्ट साइड। तो उसके बाद कैसे आदित्य का अट्रैक्शन प्यार में बदल जाता है एंड प्यार पज़ेसिवनेस में एंड पज़ेसिवनेस पागलपन में आप देखो और और क्या ही बोलूं देखो बस भाई किस जमाने की पिक्चर है ये ऐसा लग रहा था मैं कोई 60ज की फिल्म देख रहा हूं जिसमें आज का मॉडर्न तड़का दिया गया हो एंड भाई इसका इंटरवल पॉइंट मां कसम चलो मैं आपको थोड़ा सा स्पॉइल कर देता हूं। लड़की खुलेआम चैलेंज करती है। आई मीन वो आम लड़की नहीं है भाई।
Ek deewane ki deewaniyat Full Movie
बॉलीवुड की एक सुपरस्टार का किरदार प्ले कर रही है। एंड सबके सामने सबके सामने यह बोल देती है कि जो भी इस इंसान को जो विक्रमादित्य को मारेगा उसके साथ वो एक रात गुजारेगी। अरे भाई भाई भाई यह क्या राइटिंग है भाई इस फिल्म की? और फिल्म पे तो यार मुझे तभी शक हो गया था जब स्टार्टिंग में बॉलीवुड वाला का कैमियो मैंने देखा। वही सोनूप यूटबर फर्स्ट हाफ तक मूवी किसी मुशायरे का इवेंट लग रही थी। हर डायलॉग में दो-दो लाइंस राइमिंग के साथ बातें हो रही है। अरे इंटरवल में जब लड़की लड़के को धमकाती है, वार्निंग दे रही है, साला तब भी राइमिंग ही चल रही है भाई। ऊपर से इतना ड्रामा है ना भाई कि पचाना मुश्किल हो जाए। भाई सयारा बहुत अच्छी फिल्म थी भाई। बहुत अच्छी। इस फिल्म को देखने के बाद तो और भी ज्यादा अच्छी लगने लगी सयारा। क्योंकि उसमें एटलीस्ट स्टोरी लाइन के साथ-साथ कन्विक्शन भी था। एक्टिंग परफॉर्मेंस तगड़ी थी उस फिल्म में। यहां तो यार कुछ भी हो रहा है यार। हां अब दिल टूटे आशिक आएंगे और बोलेंगे कि भाई तू ना तू रहने दे। तेरे को क्या पता प्यार यार क्या होता है। भाई प्यार जो भी होता है ना ऐसा तो नहीं होना चाहिए जिसमें किसी भी तरह की जबरदस्ती हो। अब यह मूवी आज के युवा पीढ़ी को क्या सिखा के जाएगी पता नहीं। पर प्यार करना तो नहीं सिखा पाएगी क्योंकि हीरो पहले खुद लड़की से जबरदस्ती का प्यार कर रहा है। फिर उस जबरदस्ती वाले प्यार को पैसे और ताकत से खरीदने की कोशिश कर रहा है। फिर उसी जबरदस्ती वाले प्यार को जस्टिफाइड भी कर रहा है। हां, एक बात पॉजिटिव है इसमें इसके गाने बहुत बढ़िया थे। दो गाने तो रिमेक ही थे और बाकी गाने काफी सूदिंग दिल टूटे हुए आशिकों के लिए एकदम परफेक्ट एंड बार-बार सुन सकते हो। लूप पे सुन सकते हो ऐसे थे। अच्छा एक्टिंग की बात करें तो इस फिल्म का हर साइड कैरेक्टर पूरी तरह ओवरएक्ट कर रहा था। लिटरली उनके एक्टिंग पे तरस आ गया था मेरे को कि भाई मत कर यार मत कर। बट एनीवेज मेरे लिए पर्सनली इस मूवी का कांसेप्ट बहुत ज्यादा आउटडेटेड था एंड कहीं ना कहीं काफी ज्यादा फोर्सफुल लगा मुझे। सो ओवरऑल देखते हुए मेरी तरफ से इस मूवी को टू आउट ऑफ फाइव स्टार्स। मिलते हैं अगले वीडियो में। बाय हैप्पी दिवाली।

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